लखनऊ के शहरी माहौल से निकलकर नवाबगंज पक्षी विहार में आपको कुछ अलग अनुभव मिलेगा। उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले में स्थित यह आर्द्रभूमि अभयारण्य मीठे पानी की एक स्थायी झील और उससे लगे दलदली क्षेत्र को समेटे हुए है। मौसमी पक्षियों और पगडंडियों के चलते यह शहर से प्रकृति के बीच एक दिन बिताने का अच्छा विकल्प है।
- लोकेशन: NH 25, उन्नाव ज़िले के नवाबगंज कस्बे के पास।
- प्राकृतिक आवास: 224.6 हेक्टेयर में फैला अभयारण्य, जिसमें मीठे पानी की झील और दलदली क्षेत्र हैं।
- पक्षी देखने का समय: नवंबर से फरवरी तक का समय यहां आने के लिए सुझाया गया है।
- कैसे पहुंचें: अभयारण्य लखनऊ–कानपुर राजमार्ग पर है; नवाबगंज बस स्टेशन यहां से 1 किमी दूर है।
नवाबगंज पक्षी विहार कहां है और वहां क्या देखने को मिलेगा?

यह अभयारण्य उन्नाव ज़िले के नवाबगंज कस्बे के पास, राष्ट्रीय राजमार्ग 25 यानी लखनऊ–कानपुर रोड पर स्थित है। उत्तर प्रदेश Eco-Tourism के अनुसार, यह लखनऊ से लगभग 43 किमी और कानपुर से 44 किमी दूर है।
इसका आधिकारिक नाम शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी विहार है; पहले इसे नवाबगंज पक्षी विहार के नाम से जाना जाता था। 1984 में अधिसूचित इस अभयारण्य का क्षेत्रफल 224.6 हेक्टेयर है। इसमें मीठे पानी की झील और उससे लगा दलदली क्षेत्र शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश Eco-Tourism Board के मुताबिक, यहां पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें उत्तरी यूरोप, तिब्बत, चीन और साइबेरिया से आने वाले प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं। बोर्ड ने जिन प्रजातियों के नाम दिए हैं, उनमें Garganey Teal, Mallard, Purple Moorhen, Little Grebe, Spoonbill Duck, Red-wattled Lapwing और Wigeon शामिल हैं।
लखनऊ से अभयारण्य तक कैसे पहुंचें?

होटल विजय पैराडाइज़ से लखनऊ के शहर के केंद्र तक कार से लगभग 34 मिनट लगते हैं। वहां से NH 25 यानी लखनऊ–कानपुर राजमार्ग पर नवाबगंज की ओर बढ़ें। उत्तर प्रदेश Eco-Tourism के अनुसार, अभयारण्य लखनऊ से लगभग 43 किमी दूर है। नवाबगंज बस स्टेशन अभयारण्य से 1 किमी और कुसुंबी रेलवे स्टेशन 2 किमी दूर है। सार्वजनिक परिवहन से यात्रा की योजना बनाने से पहले मौजूदा सेवाओं की जानकारी जांच लें। अभयारण्य में झील के किनारे बना 2.6 किमी का साइकिल मार्ग आर्द्रभूमि घूमने का एक तरीका है।
उत्तर प्रदेश Eco-Tourism के मुताबिक, सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा लखनऊ का हवाई अड्डा है। अगर आप चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहुंचने की योजना बना रहे हैं, तो लखनऊ तक की यात्रा के उस हिस्से की जानकारी लखनऊ में हवाई अड्डे से होटल तक के सफर में मिलेगी।
पक्षी देखने के लिए सबसे अच्छा समय कौन-सा है?

पक्षी देखने के लिए यहां आने का सुझाया गया समय नवंबर से फरवरी तक है। वसंत के आगमन के साथ प्रवासी पक्षी लौटने लगते हैं और मार्च के दूसरे सप्ताह तक उनका जाना पूरा हो जाता है।
शहर के मौसम के बारे में मौसमी जानकारी के लिए लखनऊ घूमने के सबसे अच्छे समय की गाइड में मौसम, त्योहारों और कार्यक्रमों के बारे में जानें। अभयारण्य में पक्षियों का मौसम, ठंडे महीनों में यात्रा की योजना बनाने की एक अलग वजह है।
वहां कौन-सी सुविधाएं और गतिविधियां उपलब्ध हैं?

उत्तर प्रदेश Eco-Tourism के अनुसार, झील के किनारे 2.6 किमी का साइकिल मार्ग, प्रकृति की पगडंडियां, एक वॉचटावर या नज़ारे देखने की जगहें और हिरन पार्क मौजूद हैं। इन सुविधाओं के चलते पक्षी देखने के अलावा भी आप आर्द्रभूमि के आसपास समय बिता सकते हैं।
पर्यटन वेबसाइट पर बच्चों का पार्क, कैफेटेरिया, व्याख्या केंद्र और मोटल का भी ज़िक्र है। सुविधाओं और आने-जाने की व्यवस्थाओं में बदलाव हो सकता है, इसलिए निकलने से पहले मौजूदा जानकारी की पुष्टि कर लें।
यात्रा से पहले किन बातों की जांच करें?
आधिकारिक Eco-Tourism पेज पर पर्यटकों के लिए खुलने के दिन या समय, प्रवेश शुल्क और आगंतुकों के नियमों की जानकारी नहीं दी गई है। वहां यह भी नहीं बताया गया है कि घूमने के लिए कितना समय रखना चाहिए या मौजूदा पहुंच-सुविधाओं की पुष्टि की गई है या नहीं। जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी जांच लें।
रास्ते की योजना बनाते समय यह पता इस्तेमाल करें: राष्ट्रीय राजमार्ग 25 (लखनऊ–कानपुर रोड), नवाबगंज कस्बे के पास, उन्नाव, उत्तर प्रदेश 209859। पर्यटन पेज पर सार्वजनिक परिवहन की समय-सारिणी नहीं दी गई है, इसलिए जिस सेवा से जाने का इरादा है, उसकी जानकारी अलग से जांचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नवाबगंज पक्षी विहार का आधिकारिक नाम क्या है?
इसका आधिकारिक नाम शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी विहार है। नवाबगंज पक्षी विहार इसका पुराना नाम है।
अभयारण्य में पक्षियों की कितनी प्रजातियां हैं?
उत्तर प्रदेश Eco-Tourism Board के मुताबिक, अभयारण्य में पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियां हैं, जिनमें प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं।
प्रवासी पक्षी कब लौटते हैं?
वसंत के साथ उनकी वापसी शुरू होती है और मार्च के दूसरे सप्ताह तक पूरी हो जाती है।
क्या प्रवेश शुल्क है या घूमने का कोई तय समय है?
आधिकारिक Eco-Tourism पेज पर प्रवेश शुल्क की जानकारी नहीं दी गई है, न ही यह सुझाया गया है कि अभयारण्य में कितना समय बिताना चाहिए। यात्रा की योजना बनाने से पहले इसकी आधिकारिक जानकारी जांच लें।
