ब्रिटिश रेज़िडेंसी लखनऊ के मध्य में स्थित ऐतिहासिक इमारतों का समूह है, जो 1857 के विद्रोह और घेराबंदी से अपने जुड़ाव के लिए जाना जाता है। इसके खंडहर, कब्रिस्तान और 1857 स्मारक संग्रहालय इस परिसर को शहर के इतिहास को जानने की खास जगह बनाते हैं; होटल विजय पैराडाइज़ लखनऊ में स्थित तीन सितारा होटल है।
- जगह: मध्य लखनऊ।
- क्या है: साझा परिसर में स्थित ऐतिहासिक इमारतों का समूह और केंद्र द्वारा संरक्षित स्मारक।
- मुख्य पड़ाव: खंडहर, कब्रिस्तान और 1857 स्मारक संग्रहालय।
- खुलने का समय: रोज़ खुला रहता है
ब्रिटिश रेज़िडेंसी का ऐतिहासिक महत्व क्या है?

रेज़िडेंसी की खंडहर हो चुकी इमारतें 1857 की लखनऊ घेराबंदी की याद संजोए हुए हैं। 1780 और 1800 के बीच बने इस परिसर में ब्रिटिश रेज़िडेंट जनरल का निवास था, जो नवाब के दरबार में अंग्रेज़ों का प्रतिनिधित्व करते थे।
घेराबंदी 1 जुलाई 1857 को शुरू हुई और 17 नवंबर 1857 तक चली। विद्रोह के दौरान इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा और अब उनके खंडहर उन घटनाओं के स्मारक हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इस परिसर का रखरखाव करता है, जिसे केंद्र द्वारा संरक्षित स्मारक का दर्जा प्राप्त है।
परिसर में आप क्या-क्या देख सकते हैं?

इस परिसर में कई तरह की इमारतें और स्मारक हैं, इसलिए यहाँ आप मुख्य रेज़िडेंसी इमारत के अलावा भी बहुत कुछ देख सकते हैं। प्रमुख स्थलों में बैंक्वेट हॉल, ख़ज़ाना, डॉ. फेयरर का घर, एक चर्च, एक मस्जिद और बैली गार्ड द्वार शामिल हैं।
खंडहर हो चुके चर्च के पास के कब्रिस्तान में घेराबंदी के दौरान मारे गए लोगों की कब्रें हैं। इनमें सर हेनरी लॉरेंस की कब्र भी शामिल है। परिसर के भीतर 1857 स्मारक संग्रहालय भी है, जिसका संचालन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण करता है।
लखनऊ में ब्रिटिश रेज़िडेंसी कैसे पहुँचें?

रेज़िडेंसी मध्य लखनऊ में है। रेल से आने वालों के लिए, लखनऊ ज़िला प्रशासन चारबाग को सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन बताता है। कैसरबाग़ सबसे नज़दीकी बस अड्डा है और अमौसी सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा।
यह परिसर शहीद स्मारक, टेहरी कोठी और उच्च न्यायालय की इमारत के आसपास भी है। अगर आप शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को एक दिन में देखने की योजना बना रहे हैं, तो बड़ा इमामबाड़ा, रूमी दरवाज़ा और छोटा इमामबाड़ा देखने वाला एक-दिवसीय मार्ग लखनऊ के दूसरे ऐतिहासिक स्थलों को भी शामिल करता है।
घूमने के लिए कितना समय रखें?

परिसर में कई ऐतिहासिक इमारतें, एक कब्रिस्तान और संग्रहालय हैं। आपको कितना समय लगेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इनमें से कितनी जगहें देखना चाहते हैं। आप खंडहरों और स्मारकों पर ध्यान दे सकते हैं या संग्रहालय को भी अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं।
रेज़िडेंसी के आसपास शहीद स्मारक, टेहरी कोठी और उच्च न्यायालय की इमारत हैं। ये नज़दीकी स्थल आपको मध्य लखनऊ में रेज़िडेंसी की जगह समझने में मदद कर सकते हैं, हालाँकि इन्हें देखना रेज़िडेंसी परिसर घूमने से अलग है।
शहर की सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से सफ़र करने के लिए लखनऊ मेट्रो का नक्शा और स्टेशन मार्गदर्शिका देखें।
टिकट, खुलने का समय और आगंतुकों के नियम क्या हैं?
खुलने का समय
- सोमवार से रविवार: 10:00–17:00
आख़िरी बार नवंबर 2026 में जाँचा गया। छुट्टियों और विशेष आयोजनों के दौरान समय बदल सकता है।
प्रवेश शुल्क की जानकारी स्रोत और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। उत्तर प्रदेश एनआरआई विभाग भारतीय आगंतुकों के लिए प्रति व्यक्ति ₹5 और विदेशी पर्यटकों के लिए ₹100 बताता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की पुस्तिका के अनुसार 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के भारतीय और सार्क/बिम्सटेक देशों के नागरिकों के लिए शुल्क ₹5 और अन्य आगंतुकों के लिए ₹100 है। संग्रहालय का अलग शुल्क 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के हर व्यक्ति के लिए ₹5 है।
जाने से पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की आधिकारिक वेबसाइट पर आगंतुकों के लिए ताज़ा जानकारी देख लें। परिसर में कूड़ा न फैलाएँ, स्मारकों को नुकसान न पहुँचाएँ और बगीचे से फूल न तोड़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ब्रिटिश रेज़िडेंसी को और किस नाम से जाना जाता है?
इसे लखनऊ रेज़िडेंसी या रेज़िडेंसी परिसर भी कहा जाता है।
क्या रेज़िडेंसी में संग्रहालय है?
हाँ। परिसर में 1857 स्मारक संग्रहालय है, जिसका संचालन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण करता है।
रेज़िडेंसी के सबसे नज़दीक कौन-सा रेलवे स्टेशन है?
लखनऊ ज़िला प्रशासन चारबाग़ को सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन बताता है।
